AI अब हमारे कई दैनिक कार्यों' का हिस्सा बन चुका है। लिखना हो, रिसर्च करनी हो, सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कोडिंग करनी हो - बहुत जगह AI हमारे साथ है। यहाँ तक कि कई व्यक्ति छोटी-मोटी बीमारी, किसी बीमारी से तेज़ रिकवरी करने में भी डॉक्टर के साथ-साथ इसका उपयोग कर रहे हैं। अपनी बात कहूं तो, मैंने भी एक चोट लगने पर कुछ दिनों तक रोज़ पिक खींच कर AI पर अपलोड कर उससे राय मांगी थी। हाँ! निःसंदेह AI किसी डॉक्टर का रिप्लेसमेंट नहीं है और फिलहाल Generative AI पर, विशेष तौर पर बीमारी आदि होने पर, सोच-समझ कर विश्वास करें। हालाँकि मेरे केस में लगभग 70 प्रतिशत बार AI ने कुछ-कुछ वही बताया, जिसकी सलाह डॉक्टर ने दी थी। लेकिन बचा हुआ (लगभग) 30% किसी भी हालत में कम महत्वपूर्ण नहीं था।
तो ऐसे में एक सीधा सवाल यह है कि, क्या हम AI का सही इस्तेमाल करना जानते हैं?
यदि आपका उत्तर “अभी नहीं” है, तो चिंता ना करें, AI Bodh के इस ब्लॉग में कुछ जरूरी AI स्किल्स बताई गई हैं, जिन्हें सही ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, YouTube, ऑनलाइन आदि कहीं से भी धीरे-धीरे सीखकर आप खुद को इस नए दौर के लिए तैयार कर सकते हैं। आइये इनके बारे में जानते हैं:
1. प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)
- AI से सही काम करवाने का सबसे आसान तरीका है - उसे स्पष्ट और सही निर्देश देना।
- किसी सवाल को कैसे पूछना है, कैसे निर्देश देना है, यह सीख लें और फिर थोड़ा अभ्यास करें। समय के साथ, आप काफी कुछ सीख जाएंगे और यह स्किल काफी काम आएगी।
- यकीन मानिए, एक अच्छा प्रॉम्प्ट आपका आधा काम आसान कर देता है।
- किसी प्रॉम्प्ट को एक मास्टरपीस प्रॉम्प्ट बनाने के लिए एक ब्लॉग पूर्व में भी AI Bodh पर उपलब्ध है।
2. एजेंटिक ऑटोमेशन (Agentic Automation)
- अब AI सिर्फ जवाब नहीं देता, काम भी करता है। जैसे, डेटा इकट्ठा करना, रिपोर्ट बनाना, ईमेल ड्राफ्ट करना।
- छोटे-छोटे ऑटोमेशन बनाना सीखें। सच कहूं तो, यहीं से असली फायदा शुरू होता है।
3. आउटपुट का मूल्यांकन (Output Evaluation)
- फिलवक्त AI हमेशा सही कंटेंट्स जनरेट नहीं करता। यह बात मैंने AI Bodh पर पहले के blogs में भी कही है।
- इसलिए हर जवाब को थोड़ा परखना जरूरी है कि क्या सही है, क्या नहीं, क्या छूट गया?
- यह स्किल आपको दूसरों से अलग बनाती है और AI का बेहतरीन लाभ दिलाती है।
4. अपना AI असिस्टेंट बनाना (Build AI Assistants)
- सोचिए, अगर आपका खुद का एक डिजिटल हेल्पर हो जो आपके काम को आपकी ही तरह समझता हो। तब, आप अपने काम कम समय और अधिक दक्षता से कर सकते हैं।
- जी हाँ! छोटे टूल्स या AI असिस्टेंट बनाना शुरू करें।
- धीरे-धीरे वही आपका अपना पर्सनल सिस्टम बन सकता है।
- इसके लिए पहले ChatGPT में Custom GPT बनाकर FAQ या हेल्पर तैयार करें। फिर धीरे-धीरे LangChain या Flowise से अपने डेटा जोड़कर एडवांस असिस्टेंट बनाएं।
5. AI रिसर्च स्किल्स (AI Research Skills)
- AI के साथ रिसर्च करना एक अलग ही अनुभव है।
- लंबे आर्टिकल्स को मिनटों में समझना, सारांश निकालना, Key पॉइंट्स को अलग करना, रिसर्च methodology पर चर्चा करना आदि-आदि - सब संभव है।
- इससे आपकी रिसर्च कम समय और बेहतर होती है।
- इसके लिए आप NotebookLM, Elicit (पेपर्स से answers और insights), Consensus( verified जवाब), Scite, Connected Papers, Perplexity जैसे टूल्स को स्टडी कर सकते हैं।
6. AI की मदद से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (AI Assisted Development)
- कंप्यूटर प्रोग्रामिंग नहीं आती? फिर भी आप सॉफ्टवेयर बना सकते हैं।
- AI आपको गाइड कर सकता है - सॉफ्टवेयर का flow बनाने में, डेटा कैसा हो, डेटाबेस में क्या हो, कोड लिखने में, टेस्ट करने में, revision करने में और कुल मिलाकर पूरा टूल बनाने में।
- शुरुआत छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स से करें, जैसे आपकी मित्र सूची, किसी इवेंट में बुलाने के लिए गेस्ट्स का सॉफ्टवेयर।
- Gemini, ChatGPT, DeepSeek, GitHub Copilot, Replit, Glide, Bubble, Firebase आदि का प्रयोग कर सकते हैं।
7. वर्कफ्लो ऑटोमेशन (Workflow Automation)
- जब हम एक से अधिक कार्य, जो आपस में जुड़े हुए हो, जैसे ईमेल से To-Do टास्क लिस्ट बनाना या मीटिंग के बाद मिनट्स लिखना या फिर किसी सेल के ऑनलाइन फॉर्म्स को categorized करना आदि, तो एक काम से दूसरे काम तक बार-बार जाना कई बार थका देता है।
- यहाँ ऑटोमेशन काम आता है - बार-बार होने वाले काम को मशीन को सौंप देना।
- छोटी शुरुआत करें। एक काम ऑटोमेट करें… फिर दूसरा।
- बनाए हुए अलग-अलग कामों के टूल्स को जोड़ें और काम को अपने आप होने दें।
- धीरे-धीरे आप पाएंगे कि समय भी बच रहा है, और काम पहले से ज्यादा आसान हो गया है।
- इस हेतु Zapier, IFTTT(If This Then That), Microsoft Power Automate, Notion आदि टूल्स का प्रयोग किया जा सकता है।
8. RAG साक्षरता (RAG Literacy)
- RAG का अर्थ है - AI को अपना डेटा समझाना। यानी कि AI को अपनी ही जानकारी से जवाब देना सिखाना।
- साधारण शब्दों में,
- आप AI को अपनी फाइलें, नोट्स, PDF, या डेटा देते हैं…
- और फिर AI उन्हीं के आधार पर जवाब देता है।
- जब AI आपके डॉक्यूमेंट्स और फाइल्स को पढता है, विश्लेषण करता है तो जवाब ज्यादा सटीक होगा ही।
- मान लीजिए आपके पास
- कॉलेज के नोट्स हैं
- कंपनी की रिपोर्ट्स हैं
- रिसर्च पेपर्स हैं
- अब अगर आप AI से सवाल पूछते हैं,
- तो वह इंटरनेट से नहीं, आपके दिए हुए डेटा से जवाब देगा।
- इसलिए उत्तर ज्यादा सही, आपके काम के हिसाब से और भरोसेमंद होता है।
- ChatGPT, ChatPDF, NotebookLM जैसे आसान टूल्स से शुरू करें, फिर LangChain, Pinecone, Weaviate और इन जैसे टूल्स पर काम करें।
9. नैतिकता और गवर्नेंस (Ethics and Governance)
- AI का सही उपयोग करना उतना ही जरूरी है जितना उसे सीखना।
- डेटा की सुरक्षा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता - इनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- आज AI बहुत जगह उपयोग में लिया जा रहा था, इसलिए यह पता होना जरूरी है कि कहाँ और कैसे इसका उपयोग किया जाए?
- कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे,:
- बिना अनुमति किसी का डेटा इस्तेमाल न करें
- AI के उत्तर को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं
- Bias और गलत जानकारी से बचें
- याद रखें,
- AI एक टूल है और जिम्मेदारी पूरी हमारी है।
10. डेटा लिटरेसी (Data Literacy)
- अन्य डिजिटल टूल्स की तरह ही AI का आधार डेटा है।
- डेटा को पढ़ना, समझना और सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखें।
- इसी से आपको बेहतर इनसाइट्स प्राप्त होगी।
- इसके लिए शुरू में आप,
- छोटा डेटा लें (जैसे स्टूडेंट्स की लिस्ट या सेल्स डेटा)।
- Microsoft Excel या Google Sheets में उसे व्यवस्थित करें।
- बेसिक प्रश्न पूछें (जैसे: सबसे ज्यादा वैल्यू किसकी है?)।
- Tableau या Power BI से चार्ट बनाएं।
- ChatGPT से insights और explanation लें।
11. AI के साथ क्रिएटिविटी (AI + Creativity)
- AI सिर्फ तकनीकी काम के लिए नहीं है।
- आप इससे कंटेंट, डिजाइन, वीडियो आदि बेहतर बना सकते हैं।
- बस आपको स्पष्ट और सही प्रोम्प्ट्स लिखने और दिशा देनी आती हो।
- इस बारे में पूर्व के blogs में AI Bodh पर बताया गया है, आगे भी बताया जाएगा।
कुल मिलाकर,

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